04 सितंबर 2025 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी दरों में कटौती की बड़ी घोषणा कर देशवासियों को दिवाली से पहले एक शानदार तोहफा दिया। यह कदम न केवल व्यापारियों को राहत देगा, बल्कि आम जनता की जेब पर भी बोझ कम करेगा। इससे बाजार में नई जान आने और महंगाई पर लगाम लगाने की उम्मीद है।

व्यापारियों को मिलेगा नया उत्साह
लंबे समय से ऊंची जीएसटी दरों के कारण कई सामान महंगे हो गए थे, जिससे छोटे और मझोले व्यापारियों की बिक्री प्रभावित हो रही थी। अब दरों में कमी आने से उत्पाद सस्ते होंगे और ग्राहकों की मांग बढ़ेगी। इससे कारोबार को रफ्तार मिलेगी और व्यापारियों के लिए यह किसी त्यौहार से कम नहीं होगा।
आम जनता को राहत
जीएसटी कटौती का सबसे बड़ा फायदा सीधे उपभोक्ताओं को मिलेगा। रोजमर्रा की जरूरत की चीजें जैसे कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और खाने-पीने के सामान अब सस्ते हो जाएंगे। मध्यम और निम्न आय वर्ग, जिन पर महंगाई का ज्यादा असर पड़ता है, उन्हें विशेष राहत मिलेगी।
‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान को बढ़ावा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “स्वदेशी अपनाओ” नारे को इस फैसले से और मजबूती मिलेगी। जब घरेलू उत्पाद सस्ते होंगे, तो लोग भारतीय सामान खरीदने को प्राथमिकता देंगे। इससे स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
अर्थव्यवस्था पर असर
यह कदम अर्थव्यवस्था के लिए भी मील का पत्थर साबित हो सकता है। एक तरफ महंगाई पर अंकुश लगेगा, वहीं दूसरी ओर मांग और खपत में बढ़ोतरी से औद्योगिक उत्पादन को गति मिलेगी। सरकार का यह निर्णय विकास दर को ऊंचा उठाने की दिशा में अहम योगदान देगा।
दिवाली से पहले खुशियों का तोहफा
त्योहारी सीजन से पहले इस घोषणा ने पूरे देश का उत्साह बढ़ा दिया है। व्यापारी जहां अपने कारोबार में नई उम्मीदें देख रहे हैं, वहीं आम लोग भी सस्ते सामान की संभावना से खुश हैं। वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री का यह निर्णय जनता के हितों और अर्थव्यवस्था को प्राथमिकता देने का उदाहरण है।
👉 कुल मिलाकर, जीएसटी दरों में कटौती का यह फैसला व्यापार, जनता और अर्थव्यवस्था – तीनों के लिए लाभकारी है।